रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- संवेदनशील और चाक-चौबंद सुरक्षा का दंभ भरने वाली रायगढ़ जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त पूरी तरह बेपर्द हो गई, जब जेल परिसर के भीतर लावारिस हालत में पड़ा एक चालू एंड्रॉयड स्मार्टफोन बरामद किया गया। यह सनसनीखेज वाकया बैरक नंबर 6 और 7 के दरमियान सामने आया है, जहां जेल के पिछले हिस्से की ऊंची दीवार के ऊपर से अज्ञात तत्वों ने बड़ी चालाकी से मोबाइल फोन भीतर फेंक दिया। काले और लाल रंग के इस स्मार्टफोन में चालू हालत का सिम कार्ड भी एक्टिव पाया गया है। जेल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले भीतरी हिस्से में इस तरह सीधे मोबाइल फोन की 'एयरड्रॉपिंग' ने जेल प्रबंधन से लेकर पुलिस महकमे के कान खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
गोवा से धरदबोचे गए शातिर आरोपी तक डिलीवरी का गहरा शक सूत्रों से छनकर आ रही खुफिया जानकारियों की मानें तो यह मोबाइल किसी आम बंदी के लिए नहीं, बल्कि हाल ही में गोवा से विशेष ऑपरेशन चलाकर सलाखों के पीछे पहुंचाए गए एक रसूखदार व शातिर आरोपी तक पहुंचाने के इरादे से भीतर फेंका गया था। हालांकि जेल प्रशासन सीधे तौर पर इस बिंदु की आधिकारिक पुष्टि से बच रहा है और इसे जांच का विषय बता रहा है, लेकिन बैरक की भौगोलिक स्थिति और फेंके जाने के सटीक एंगल ने कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या जेल के भीतर से ही किसी नेटवर्क के जरिए बाहर बैठे गुर्गों को सटीक लोकेशन और वक्त का इनपुट दिया गया था, ताकि मोबाइल सीधे सही हाथों तक पहुंच सके।
जेल अधीक्षक ने की पुष्टि, जुटमिल थाने में दर्ज कराई जा रही एफआईआर इस गंभीर सुरक्षा चूक की पुष्टि करते हुए जेल अधीक्षक गोवर्धन सिंह शोरी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि जेल की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की औपचारिक जांच के लिए जुटमिल थाना पुलिस को विस्तृत पत्र भेजा जा रहा है। पुलिस के साइबर सेल के जरिए जब्त मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर और उसमें मौजूद सिम कार्ड की पूरी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली जाएगी। जेल अधीक्षक के अनुसार, सिम कार्ड जिसके भी नाम पर पंजीकृत निकलेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और जेल नियमों के तहत कठोरतम दंडात्मक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल, सुरक्षा घेरे पर उठते संगीन सवाल जेल की बाउंड्री वॉल के बाहर और भीतर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को टाइम-स्टैम्प के साथ बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि दीवार के बाहर से पैकेट उछालने वाले संदिग्ध चेहरे बेनकाब हो सकें। बहरहाल, इस खुलासे ने जेल की बाहरी गश्त और चौकसी पर एक बड़ा और असहज करने वाला सवालिया निशान लगा दिया है। जब ऊंची दीवारों को पार कर एक भारी-भरकम स्मार्टफोन बैरक के दरवाजे तक पहुंच सकता है, तो क्या इससे पहले भी नशीले पदार्थ, धारदार वस्तुएं या अन्य अवैध सामग्री इसी रास्ते से जेल के भीतर नहीं पहुंचाई गई होंगी? यह महज एक लावारिस फोन का मिलना नहीं, बल्कि जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में लगी एक गहरी और खतरनाक सेंध की खुली गवाही है।
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